Public Charitable & Religious Trust
HINDU DHARMRAKSHAK MAHARAJA SURAJMAL SEVA TRUST
यह न्यास पूर्णतः सार्वजनिक, धार्मिक एवं धर्मार्थ (Public Charitable and Religious Trust) है — गैर-लाभकारी आधार पर संचालित। जाट आर्मी इसी ट्रस्ट का सार्वजनिक डिजिटल मंच है।
संस्थापक का परम उद्देश्य सनातन हिंदू धर्म, भारतीय संस्कृति, शिक्षा, गौसेवा, चिकित्सा सहायता, महिला व बाल कल्याण, राष्ट्रहित एवं निर्धन-असहाय वर्गों के सर्वांगीण विकास हेतु एक स्थायी न्यास की स्थापना करना है — महाराजा सूरजमल जी के तेजस्वी जीवन को जन-जन तक पहुँचाते हुए।
प्रकृति: सार्वजनिक धर्मार्थ एवं धार्मिक
न्यासी: न्यूनतम 3 · अधिकतम 21 · वर्तमान 5
स्थान: खैर, जिला अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
बैंक: तीन पदाधिकारियों में से किन्हीं दो के संयुक्त हस्ताक्षर
ग्राम - भमरोला, पोस्ट - करनपुर
तहसील - खैर, जिला - अलीगढ़, उत्तर प्रदेश - 202142
न्यास मंडल के बहुमत से भारत में शाखाएँ स्थापित/स्थानांतरित की जा सकती हैं, बशर्ते लागू नियम पूरे हों।
प्रथम न्यासीगण — संस्थापक परिवार के नेतृत्व में सेवा
Trustee 1
संस्थापक / मुख्य संरक्षक
आत्मज स्व. श्री छिद्दा सिंह · ग्राम भमरोला, खैर, अलीगढ़
Trustee 2
उपाध्यक्ष
कलत्र श्री शेर सिंह डागुर · अध्यक्ष/संरक्षक की अनुपस्थिति में दायित्व
Trustee 3
महासचिव
प्रशासन, पत्राचार, बैठकें व कार्यवाही विवरण
Trustee 4
कोषाध्यक्ष
लेखे-जोखे, रोकड़ बही, बैंक खाते व लेखा-परीक्षण
Trustee 5
सचिव — क्षेत्र संचालन एवं कार्यक्रम समन्वय
मैदानी कार्यक्रम, सामाजिक/धार्मिक शिविर व जमीनी गतिविधियाँ
वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, गीता, पुराण — कथा, सत्संग, यज्ञ व आध्यात्मिक शिविर।
जीवन, वीरता, न्याय व राष्ट्रभक्ति का प्रचार — पुस्तकें, शोध, व्याख्यान, युवा अनुशासन।
छात्रवृत्ति, पुस्तकालय, ई-लर्निंग, प्रतियोगी मार्गदर्शन, संस्कृत व हिंदी शिक्षा।
भोजन, वस्त्र, दवा, कन्या विवाह सहायता, प्राकृतिक आपदा राहत।
गौशाला, उपचार, एम्बुलेंस, जल-चारे का प्रबंध।
जाँच शिविर, रक्तदान, नेत्र जाँच, गरीब रोगियों को सहायता।
कौशल, शिक्षा, सुरक्षा; अनाथ बच्चों हेतु पोषण व संस्कार।
नागरिक कर्तव्य, वृक्षारोपण, जल संरक्षण, स्वच्छता।
मंदिर, गौशाला, आश्रम, शिक्षण संस्थान व धरोहर संरक्षण।
योग, ध्यान, प्राणायाम, नैतिक शिक्षा — सत्य, सेवा, अनुशासन।
| क्र. | प्रकार | विवरण |
|---|---|---|
| 1 | प्रारंभिक स्थायी नकद कोष | ₹11,00,000 (रुपये ग्यारह लाख मात्र) — संस्थापक द्वारा समर्पित |
| 2 | चल/अचल संपत्तियाँ | सदस्यों के नाम पंजीकृत संपत्तियाँ जो विधिक सहमति/दान पत्र से न्यास को समर्पित हों |
समस्त संपत्तियाँ केवल न्यास के नाम से धारण एवं संचालित होंगी।
खाता किसी राष्ट्रीयकृत/अनुसूचित बैंक में न्यास के नाम से। संचालन निम्नलिखित में से किन्हीं दो के संयुक्त हस्ताक्षर से:
वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल–31 मार्च। प्रत्येक वर्ष CA द्वारा अनिवार्य ऑडिट।
न्यास विलेख — पक्षकार, उद्देश्य, अनुसूची, हस्ताक्षर स्थान
न्यास विलेख (Trust Deed)