महाराजा सूरजमल मूर्ति स्थापना

जहाँ-जहाँ हिंदू हृदय सम्राट की मूर्ति स्थापित हुई — समाचार, स्थल और युवा कर्तव्य।

भरतपुरअनेक ऐतिहासिक मूर्तियाँ
दिल्ली-NCRपार्क व संस्थान
~21 फुटबृज विश्वविद्यालय योजना
जीवंत स्मृतिसमाचार व कार्यक्रम

प्रमुख स्थापना स्थल

नई मूर्ति स्थपना की सूचना info@jaat.army पर भेजें।

भरतपुर

किशोरी महल परिसर

5 सितंबर 2008 कार्यक्रम से जुड़ी प्रमुख मूर्ति; स्थानीय विवरणों में लंबे समय तक ज़िले की सबसे ऊँची मूर्तियों में गिनी गई (~19 फुट)।

भरतपुर

यातायात चौराहा

शहरी सार्वजनिक स्थान पर मूर्ति — दैनिक जीवन में सूरजमल गौरव।

भरतपुर

बार एसोसिएशन प्रांगण

काली पत्थर की मूर्ति बार कार्यालय में स्थापित; अनावरण समारोह की घोषणा।

बृज विश्वविद्यालय

अश्वारोही विशाल मूर्ति परियोजना

लगभग 21 फुट अश्वारोही मूर्ति (तलवार सहित) — ज़िले की सबसे बड़ी योजनाओं में।

नदबई व अन्य कस्बे

चौराहा स्थपना माँग

सार्वजनिक चौराहों पर सूरजमल मूर्ति की माँग; जाट आर्मी शांतिपूर्ण व कानूनी मार्ग का समर्थन करती है।

दिलशाद गार्डन, दिल्ली

महाराजा सूरजमल पार्क

पार्क उद्घाटन के साथ मूर्ति — MSI/SMES स्मृति से जुड़ा दिल्ली स्मारक।

जनकपुरी, दिल्ली

SMES / MSI–MSIT परिसर

शैक्षिक संस्थानों में नाम-स्मृति — युवाओं के लिए जीवंत स्मारक।

गोवर्धन, उत्तर प्रदेश

कुसुम सरोवर छतरी

जावाहर सिंह द्वारा निर्मित शास्त्रीय स्मारक — आधुनिक मूर्ति संस्कृति की जड़।

समाचार सार

भरतपुर — मूर्तियों का हृदयस्थल

भरतपुर ज़िले में महाराजा सूरजमल की सर्वाधिक मूर्तियाँ हैं। किशोरी महल परिसर और यातायात चौराहे की मूर्तियों का उल्लेख 5 सितंबर 2008 के राज्यस्तरीय कार्यक्रमों से जुड़ा है। बार एसोसिएशन प्रांगण में नई मूर्ति स्थापित हुई। महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय परिसर में विशाल अश्वारोही मूर्ति की नींव/योजना युवा शिक्षा और सार्वजनिक कला को जोड़ती है।

दिल्ली-NCR

दिलशाद गार्डन में महाराजा सूरजमल पार्क व मूर्ति का उद्घाटन सूरजमल स्मृति शिक्षा समाज की गतिविधियों में दर्ज है। जनकपुरी के शैक्षिक परिसर नाम के माध्यम से स्मृति जीवित रखते हैं।

युवा कर्तव्य

  1. दिल्ली विजय दिवस (10 मई), आगरा विजय दिवस (12 जून) और बलिदान दिवस (25 दिसंबर) पर स्थानीय मूर्ति पर श्रद्धा व स्वच्छता।
  2. फूल चढ़ाएँ, कूड़ा न फैलाएँ।
  3. नई स्थापना की तस्वीर व विवरण info@jaat.army पर भेजें।
  4. हर दर्शन के साथ जीवनी का एक अध्याय पढ़ें।

English Statue Hub सूरजमल जीवनी