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हमारे पूर्वज

गौरव की तीन धाराएँ — किला, वचन, खेत। सूरजमल · तेजाजी · चरण सिंह।

यह खंड संग्रहालय नहीं — युवा पाठ है। तीन पूर्वज तीन पाठ सिखाते हैं: राज्य-सूझबूझ, सत्य-वचन, किसान-स्वाभिमान।

महाराजा सूरजमल

महाराजा सूरजमल

1707–1763 · भरतपुर · लोहागढ़

हिंदू जाट राज्य का उत्कर्ष — किला, न्याय, दिल्ली–आगरा स्मृति, कुम्हेर रक्षा।

पूरी जीवनी
वीर तेजाजी

वीर तेजाजी महाराज

1074–1103 · खरनाल, नागौर · धौलिया गोत्र

गौरक्षक, वचन के धनी, लोकदेवता — तेजा दशमी, नाग देवता की स्मृति।

पूरी गाथा
चौधरी चरण सिंह

चौधरी चरण सिंह

1902–1987 · मेरठ · तेवतिया गोत्र

किसान नेता, स्वतंत्रता सेनानी, भारत के प्रधानमंत्री — ज़मींदारी अंत, भारत रत्न।

पूरा इतिहास

तीन पाठ — एक युवा

सूरजमल

सूझबूझ, किले की तैयारी, प्रजा-रक्षा। राज्य सेवा में अनुशासन।

तेजाजी

वचन निभाना, गौसेवा, सत्य — प्राण देकर भी वादा पूरा।

चरण सिंह

किसान का हक, भूमि सुधार, सादगी — खेत से संसद तक।